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नहीं करना चाहते जॉब तो आज से ही शुरू करें ये बिजनेस, महीने में लाखों की होगी कमाई

जोश और जज्‍बा से भरे युवाओं में इन दिनों अपना बिजनेस करने का क्रेज लगातार बढ़ रहा है। बड़ी संख्‍या में युवा इसके लिए अपनी जॉब छोड़ने तक का साहसिक फैसला कर रहे हैं। हालांकि आंत्रप्रेन्‍योर यानी उद्यमी बनने की यह राह आसान नहीं है। इस राह में कई सारी चुनौतियां आती हैं, जिनका सफलतापूर्वक सामना सिर्फ वही कर सकते हैं, जो पहले से उनके लिए तैयार होते हैं। इस मामले में सबसे जरूरी यह तय करना है कि आप किस तरह का बिजनेस करना चाहते हैं। हम आज ऐसे उत्‍साही युवाओं के लिए जरूरी कुछ फाइनेंशियल टिप्‍स यहां दे रहे हैं, जिनसे उद्यमिता की उनकी राह आसान हो सकती है-

टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर का बोलबाला : पढ़े-लिखे युवा सबसे अधिक टेक्‍नोलॉजी स्‍टार्टअप में हाथ आजमा रहे हैं। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार, देश में इस समय टेक्‍नो-स्‍टार्टअप्‍स की संख्‍या 19,000 से भी अधिक हैं। यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी संख्‍या है और इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है। टेक्‍नोलॉजी सेक्‍टर में जरूरी होता है आइडिया। आइडिया अगर क्लिक कर जाए तो आप चंद महीनों या सालों में ही करोड़ोंपति या अरबपति बन जाते हैं। आज दुनिया में सबसे अधिक मार्केट कैप वाली कंपनियों में अधिकांश टेक्‍नोलॉजी कंपनियां ही हैं, जो चंद वर्षों में ही इस मुकाम तक पहुंच गई हैं। इसलिए इस सेक्‍टर में सफलता की तमाम गुंजाइश हैं।

एग्री-रूरल सेक्‍टर में भी बड़ी संभावनाएं : सरकार द्वारा एग्री-रूरल सेक्‍टर पर लगातार ध्‍यान देने से इन सेक्‍टर में विकास की काफी अधिक गुंजाइश है। ऐेसे में अगर आप नया बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो फूड प्रोसेसिंग से लेकर ग्रामीण इकोनॉमी से जुड़ी कई चीजें हैं, जिनमें अपना हाथ आजमा सकते हैं। सरकार सब्सिडी से लेकर टैक्‍स छूट और सस्‍ता लोन समेत कई तरह के प्रोत्‍साहन भी दे रही है।

सरकारी स्‍कीम की जानकारी: अगर आप बिजनेस करना चाहते हैं तो आपको सरकारी योजनाओं, स्‍कीमों, प्रोग्रामों, टैक्‍स से जुड़ी बातों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। नए उद्यमियों को प्रोत्‍साहित करने के लिए सरकार ने कई तरह की स्‍कीम लॉन्‍च की हैं और उसके लिए कई तरह की छूटें दी जा रही हैं। ऐसे में उन स्‍कीमों से आपको खासी मदद मिल सकती है।

तीन साल का बजट जरूरी: अगर आप अपना बिजनेस शुरू करना चाहते हैं तो आपके पास कम से कम 3 साल का बजट होना चाहिए। इस क्रम में अपने हाउसिंग, फूड, कपड़े और ट्रांसपोर्टेशन जैसी जरूरतों का मूल्‍यांकन भी ईमानदारी से करें।

कम रखें अपने खर्च: चूंकि शुरुआती महीनों में आपकी इनकम सीमित हो सकती है, ऐसे में अपने खर्चों को भी सीमित रखना और पैसों का बेहतर इस्‍तेमाल जरूरी है। अगर आपने लोन ले रखा है तो कोशिश करें कि उसकी ब्‍याज दर और ईएमआई कम हो। इस क्रम में छोटे अपार्टमेंट में रहना, दो की जगह एक कार का उपयोग या फिर शेयर्ड टैक्‍सी का उपयोग, होटलों में खाने और ड्रिंक पर कम खर्च आदि का भी ध्‍यान रखना चाहिए। अपने बजट या खर्चों की निगरानी के लिए आप मैनेजमेंट ऐप का भी उपयोग कर सकते हैं। हालांकि बेहद छोटे-छोटे खर्चों से बहुत दबाव भी महसूस नहीं करना चाहिए।

पर्याप्‍त इंश्‍योरेंस लें: भले ही जॉब के दौरान आपको अधिक इंश्‍योरेंस की जरूरत नहीं हो या फिर आपकी कंपनी ने आपको पॉलिसी दे रखी हो, लेकिन अगर आप सारा कुछ खुद के भरोसे ही कर रहे हैं तो आपको पर्याप्‍त इंश्‍योरेंस पॉलिसी लेनी चाहिए। कम से कम 1-2 करोड़ रुपए का टर्म लाइफ कवर जरूर लें। फैमिली हेल्‍थ इंश्‍योरेंस पॉलिसी भी जरूरी है।

अपने वर्तमान निवेश को भी बनाए रखें: अगर आपके पास पहले से कोई म्‍यूचुअल फंड या स्‍टॉक इन्‍वेस्‍टमेंट है तो उसे बनाए रखने की कोशिश होनी चाहिए। अगर संभव हो तो अपनी एसआईपी को भी नहीं रोकें, क्‍योंकि आपका निवेश लॉन्‍ग टर्म का है, जिससे बेहतर रिटर्न आ सकते हैं।

टैक्‍स छूट की भी होनी चाहिए प्‍लानिंग: चूंकि अब आप जॉब में नहीं हैं, ऐसे में ईपीएफ अब आपके पास होगा नहीं, इसलिए आपको टैक्‍स सेविंग की भी उचित प्‍लानिंग करनी चाहिए। इसके लिए आप ईएलएसएस टैक्‍स सेविंग एमएफ प्‍लांन ले सकते हैं। अपने एमएफ इन्‍वेस्‍टमेंट को ब्रॉकर से डायरेक्‍ट प्‍लांस में डालें, इससे हर साल कमीशन कॉस्‍ट के रूप में आप 1.5 फीसदी तक बचा सकते हैं।

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