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नीतीश के साथ अब मोदी की भी उड़ जाएगी नींद, बगावत पर उतरा सबसे सीनियर नेता!

नई दिल्ली। बिहार में एनडीए की नीतीश सरकार का गठन हो गया। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में बहुमत भी साबित कर दिया। इसके साथ ही 26 मंत्रियों का शपथ ग्रहण समारोह भी हो गया। लेकिन इस सबके बीच सीएम नीतीश के साथ-साथ पीएम मोदी के लिए भी अब एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है।

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दरअसल बिहार के सीएम के महागठबंधन तोड़ने और बीजेपी के साथ मिलकर नई सरकार बनाने के फैसले के खिलाफ अब एक सीनियर नेता बगावत पर उतर आया है। यह नेता कोई और नहीं बल्कि खुद जेडीयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्‍यक्ष शरद यादव हैं।

अब तक खबरें थीं कि शरद यादव को मना लिया गया है और उन्‍हें केंद्र की मोदी सरकार में मंत्री पद दिया जाएगा, लेकिन अब ऐसा लग नहीं रहा है। ताजा खबर है कि बीजेपी के साथ गठबंधन का विरोध कर रहे शरद यादव ने केंद्रीय मंत्री बनने का प्रस्ताव ठुकरा दिया है।

दरअसल एक अंग्रेजी वेबसाइट द वायर के मुताबिक, शरद यादव ने बगावत छेड़ दी है। शरद यादव ने ऐलान किया है कि वे सांप्रदायिक शक्तियों के साथ नहीं जाएंगे। अब संग्राम होगा। शरद ने आगे कहा कि वो सांप्रदायिक शक्तियों के साथ गठबंधन करने के नीतीश के फैसले के खिलाफ थे।

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द वायर के अनुसार, शरद के करीबी सूत्रों ने जानकारी दी कि 26 जुलाई की रात वित्तमंत्री अरुण जेटली ने उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पद की बात की थी लेकिन शरद यादव ने इसमें कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई।

वहीं सूत्रों की मानें तो शरद भाजपा के साथ गठबंधन का विरोध करते रहेंगे और जल्द ही इस पर बयान जारी कर सकते हैं। इससे पहले राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने दावा किया कि उनकी बात शरद यादव से हुई है।

इसके साथ ही निजी समाचार चैनल एनडीटीवी को दिए एक इंटरव्‍यू में 69 वर्षीय लालू ने कहा कि शरद यादव ने उन्‍हें फोन किया था। लालू ने कहा कि वो उनसे संपर्क में हैं और उन्होंने कहा है कि वो उनके साथ हैं।

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आपको बता दें कि 28 जुलाई को हुए फ्लोर टेस्ट में भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड को विधानसभा में बहुमत साबित कर लिया। 243 सदस्यों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 122 है हालांकि नीतीश के पक्ष में 131 वोट पड़े। वहीं विरोध में 108 वोट।

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