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पोती से मुलायम बोले- जिद्दी है तुम्‍हारा बाप, बेटी ने बताया तो सीएम अखिलेश ने कहा- वो तो हूं

akhilesh-yadav-family-620x400लखनऊ। समाजवादी पार्टी की पारिवारिक लड़ाई भले ही अपने चरम पर हो लेकिन इसी परिवार की दो बच्चियां इस सियासी जंग से बेपरवाह होकर दोनों खेमों में रौनक लाती रहती हैं। शांति और सुलह बहाली की उम्‍मीदें जगाती रहती हैं। ये दोनों बच्चियां कोई और नहीं बल्कि यूपी के सीएम अखिलेश यादव की बेटियां हैं। जी हां, सियासी संवादों से हटकर परिवार के बीच ऐसे संवाद का बीड़ा 15 साल की अदिति और 10 साल की टीना ने उठाया है।

एक न्‍यूज चैनल की खबर के मुताबिक सियासी खींचतान के बीच कुछ दिनों पहले सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपनी 10 वर्षीय पोती टीना को चिढ़ाते हुए कहा था कि तुम्हारा बाप बहुत जिद्दी है। यह सुनते ही थोड़ी ही देर में टीना ने जाकर अपने पिता मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हु-ब-हू संवाद सुना दिया। इसके जवाब में अखिलेश यादव ने मुस्कुराते हुए कहा, हां, वो तो है। अखिलेश और डिंपल यादव की बेटियां सियासी खींचतान की परवाह किए बिना अक्सर अपने दादा मुलायम सिंह से मिलने पहुंच जाती है।

आपको बता दें कि अगले महीने उत्तर प्रदेश में विधान सभा चुनाव हैं और समाजवादी कुनबे में पार्टी पर वर्चस्व की लड़ाई जारी है। दोनों गुट फिलहाल चुनावी सभाओं से परहेज किए हुए हैं। दोनों की नजरें चुनाव आयोग पर टिकी हैं कि पार्टी का चुनाव चिह्न साइकिल किसे मिलता है। इस बीच रह रहकर दोनों धड़ों में सुलह की भी कोशिशें होती रही हैं।

एक तरफ मुलायम सिंह यादव के साथ छोटे भाई शिवपाल यादव और अमर सिंह हैं, तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के साथ दूसरे चाचा रामगोपाल यादव हैं। पार्टी का एक बड़ा तबका भी अखिलेश की ही तरफ है। लेकिन जब तक आयोग यह तय नहीं कर देता कि कौन सा धड़ा असली सपा है, तब तक चुनावी सरगर्मियों के बीच भी सपा में उदासी का आलम छाया हुआ ही रहने वाला है।

चुनाव आयोग ने दोनों गुटों से समर्थक विधायकों, विधान पार्षदों, सांसदों और पार्टी प्रतिनिधियों का हस्ताक्षरयुक्त हलफनामा सौंपने को कहा था। अखिलेश गुट पहले ही 1.5 लाख पन्नों का हलफनामा सौंप चुका है। मुलायम सिंह ने भी आज (सोमवार को) मिलकर चुनाव आयोग में अपने समर्थकों की लिस्ट और उनके हलफनामे सौंप दिए हैं। अब आयोग को इस पर फैसला करना है।

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