Friday , May 25 2018

अभी-अभी : मालदीव में इमरजेंसी, सेना ने सु्प्रीम कोर्ट के दरवाजे तोड़े, संसद सील

माले। मालदीव में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। देश की सबसे बड़ी अदालत यानि मालदीव के सुप्रीम कोर्ट और राष्‍ट्रपति के बीच का विवाद अब एक बड़े राजनीतिक संकट में बदल गया है। राष्‍ट्रपति अब्‍दुल्‍ला यामीन से सुप्रीम कोर्ट के आदेशों को मानने से साफ इनकार कर दिया है। साथ ही राष्‍ट्रपति ने सोमवार शाम को मालदीव में इमरजेंसी की घोषणा कर दी।

Also Read : कर्नाटक में कांग्रेस के लिए मुसीबत शुरू, ये दो दिग्‍गज हुए बीजेपी में शामिल

खबरों के मुताबिक, यह आपातकाल 15 दिनों के लिए लगाया गया है। उधर आपातकाल की घोषणा के बाद सेना ने संसद को चारों ओर से घेर कर सील कर दिया है। लोग सड़कों पर उतर आए हैं। साथ ही राजधानी माले में भी सेना तैनात हो गई है।

सांसद इवा अब्दुल्ला ने बताया कि सभी मूलभूत अधिकारों को रद कर दिया गया है। सेना को अतिरिक्त ताकत दे दी गई है। सेना को सर्च और गिरफ्तारी के आदेश दे दिए गए हैं। सेना ने छापेमारी और गिरफ्तारियां शुरू कर दी हैं। जानकारी मिली है कि सेना ने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तोड़ दिए हैं।

Also Read : वीडियो : पिट रहा था पति, जाबांज महिला ने गंड़ों पर की अंधाधुंध फायरिंग

भारत ने मालदीव में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर चिंता प्रकट की। इसके साथ ही भारत ने अपने नागरिकों से अगली सूचना तक हिंद महासागर के इस देश की सभी गैर जरूरी यात्रा टालने को भी कहा है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि मालदीव में भारतीय प्रवासियों को भी सुरक्षा के बारे में चौकस रहने और सार्वजनिक स्थानों पर जाने और जमा होने से बचने को कहा है। परामर्श में कहा गया है कि मालदीव में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम और उसके बाद कानून-व्यवस्था की स्थिति सरकार के लिए चिंता का विषय है। इसलिए, भारतीय नागरिकों को अगली सूचना तक माले और अन्य द्वीपों की सभी गैरजरूरी यात्राएं टालने की सलाह दी जाती है।

Also Read : कर्नाटक में कांग्रेस ने कराया सर्वे, नतीजे देखकर खुद ही रह गए दंग

उधर, अमेरिका ने कहा है कि इस आपात स्थिति में वह मालदीव के लोगों के साथ है। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने मालदीव की सरकार और सेना को कानून का पालन करने, अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र का सम्मान करने की अपील की है।

loading...