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यूपी में एक और एमएलसी का इस्‍तीफा, अखिलेश की कैबिनेट में थे मंत्री

लखनऊ। उत्‍तर प्रदेश में एमएलसी के इस्‍तीफा देने का सिलसिला लगातार जारी है। यहां आज फिर सपा से एमएलसी अंबिका चौधरी ने इस्‍तीफा दे दिया। हालांकि अंबिका चौधरी बसपा के नेता हैं लेकिन वह सपा के कोटे से एमएलसी चुने गए थे।

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चौधरी ने पार्टी से इस्तीफा नहीं दिया है। दरअसल अंबिका का कार्यकाल 5 मई, 2018 को खत्म होना था। इस्तीफे के बाद चौधरी ने कहा कि वे व्यक्तिगत कारणों से इस्तीफा दे रहे हैं। पहले किसी कारण से इस्तीफा नहीं दे पाये थे।

उन्‍होंने आगे कहा कि इस्तीफे के संबंध में उन्‍होंने अपनी नेता मायावती से बात की थी। उन्होंने रोका, लेकिन फिर भी उन्‍होंने अपना इस्तीफा देना ही उचित समझा। उन्‍हें बसपा में मान-सम्मान मिला। उन्‍हें पार्टी से कोई शिकायत नहीं है।

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आपको बता दें कि जनवरी 2017 में सपा से टिकट कटने के बाद अंबिका बसपा में शामिल हो गए थे। उन्होंने बसपा के टिकट पर बलिया की फेफना सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि भाजपा के उपेंद्र तिवारी से चुनाव हार गए थे।

अंबिका चौधरी 1993 से 2007 तक बलिया की कोपाचीट (अब फेफना) सीट से विधायक रहे हैं। 1992 में पार्टी की स्थापना के समय से ही सपा के मेंबर रहे अंबिका, मुलायम सिंह यादव और शिवपाल सिंह यादव के बेहद करीबी रहे हैं।

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मुलायम सरकार में उन्होंने राजस्व मंत्री की जिम्मेदारी संभाली थी। सदन में वे सपा के मुख्य सचेतक भी रहे हैं। 2012 में विधानसभा चुनाव हारने के बावजूद अंबिका को विधान परिषद सदस्य बनाने के साथ ही अखिलेश के मंत्रिमंडल में राजस्व मंत्रालय की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

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