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रात में होटलों के बाहर कूड़े में पड़ा खाना उठाता है ये आईएएस, वजह कर देगी हैरान

फरीदाबाद। अक्‍सर हम और आप होटलों में खाना खाते हैं और जो खाना बच जाता है, उसे होटल स्‍टाफ बाहर कूड़े में फेंक देता है। क्‍या आपने कभी सोचा है कि जो बचा खाना है उसे आप किसी जरूरतमंद तक पहुंचा सकते हैं। भले ही आपने आजतक इस बारे में कुछ नहीं सोचा हो लेकिन एक ऐसा शख्‍स है जो बीते कई दिनों से ये काम कर रहा है।

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ये शख्‍स कोई और नहीं बल्कि एक आईएएस अफसर है। जी हां, हरियाणा पुरातत्‍व विभाग के डायरेक्‍टर आईएएस प्रवीन कुमार अक्‍सर रात के अंधेरे में होटलों के बाहर बचा हुआ खाना उठाते हैं। वे उस खाने को भूखे आवारा पशुओं को खिलाते हैं। प्रवीन अक्‍सर फरीदाबाद में ये काम करते हुए देखे गए हैं।

दिन भर साहब बनकर पूरे प्रदेश का पुरातत्‍व विभाग संभालने वाले प्रवीन का फरीदाबाद में पिछले कई दिनों से यह रूटीन बना हुआ है। फरीदाबाद के सेक्टर-15 में रहने वाले आईएएस प्रवीन कुमार फरीदाबाद के जिला उपायुक्त और नगर निगम गुड़गांव के कमिश्नर रह चुके हैं।

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प्रवीन इस समय हरियाणा पुरातत्व विभाग में डायरेक्टर के पद पर तैनात हैं। अपने काम की व्यस्तता के बीच वे रात को निकलते हैं। उनके साथ कुछ सहयोगी भी होते हैं। वे जिन होटलों में बचा हुआ खाना फेंकने के लिए रखा जाता है उसे इकट्ठा करते हैं और उसे आवारा घूमने वाले पशुओं को खिलाते हैं।

आईएएस प्रवीन कुमार बताते हैं कि उन्हें इस काम की प्रेरणा सूरजकुंड में मिली। एक दिन वे एक निजी होटल में खाने के लिए गए हुए थे। वे जब वहां से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि होटल के साइड में बचा हुआ खाना पड़ा था। इस खाने को देख उनके मन में ख्याल आया कि क्यों ने इस खाने को भूखे जानवरों तक पहुंचाया जाए। यह सोचकर उन्होंने इस मुहिम को शुरू किया।

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उनका कहना है कि उन्हें कतई कोई शर्म महसूस नहीं होती क्योंकि वे उन जानवरों के लिए ऐसा कर रहे हैं जो बोलकर अपनी बात नहीं बता सकते। उन्होंने कहा कि आज मनुष्य इतना स्वार्थी हो गया है कि उसे अपने सिवा किसी और का दुख नजर नहीं आता। हमें आगे आना चाहिए और प्रयास करना चाहिए।

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