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रिकॉर्ड चौथी बार अंडर 19 वर्ल्‍ड चैंपियन बना भारत, फाइनल में ऑस्‍ट्रेलिया को हराया

माउंट माउनगानुई। भारत ने सलामी बल्लेबाज मंजोत कालरा की शतकीय पारी की बदौलत यहां बे ओवल मैदान पर अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में आस्ट्रेलिया को आठ विकेट से हराकर चौथी बार खिताब अपने नाम किया। आस्ट्रेलिया द्वारा रविवार को दिए गए 217 रनों के लक्ष्य को भारत ने मंजोत कालरा के 101 रनों की बदौलत 38.5 ओवरों में आठ विकेट रहते ही हासिल कर लिया। कालरा के अलावा भारत के लिए शुभमन गिल ने 31 और विकेटकीपर हार्विक देसाई ने 47 रन बनाए।

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टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने बल्लेबाजी का फैसला किया था, एक वक्त ऐसा लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 250 रनों का आंकड़ा आसानी से पार कर लेगी। मगर 150 रनों के पार पहुंचने के बाद ही टीम लड़खड़ाने लगी और पूरी टीम 48वें ओवर में महज 216 रनों पर ढेर हो गई। ऑस्ट्रेलिया की तरफ से मर्लो ने सबसे ज्यादा 76 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान सांगा ने 13 और उप्पल ने 34 रनों की पारी खेली। वहीं भारत की तरफ से तेज गेंदबाज नागरकोटी के अलावा शिवा सिंह, ईशान पोरेल ने दो-दो विकेट झटके।

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इससे पहले अच्छी शुरुआत के बाद 32 रन के स्कोर पर ऑस्ट्रेलिया को पहला झटका लगा। ब्रयांट 14 रन के निजी स्कोर पर पोरेल की गेंद पर अभिषेक शर्मा के हाथों कैच आउट हुए। इसके बाद दूसरे सलामी बल्लेबाज एडवर्ड भी 28 रन के निजी स्कोर पर पोरेल का शिकार हुए। तीसरा विकेट कप्तान जेसन सांघा (13 रन) का गिरा, जिन्हें नागरकोटी की गेंद पर देसाई ने कैच आउट किया। इसके बाद जे. मर्लो और पी. उपल ने पारी साधने की कोशिश की, लेकिन उपल 34 रन के स्कोर पर रॉय की गेंद पर उन्हीं को कैच दे बैठे। पांचवां विकेट मैकस्वेनी का गिरा, जिन्हें 23 रन के निजी स्कोर पर शिवा सिंह ने अपनी ही गेंद पर कैच आउट किया।

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वैसे इस मुकाबले में जीते कोई भी, इतिहास रचा जाना तो तय है। भारत अपने समूह ‘बी’ के पहले मैच में ऑस्ट्रेलिया को 100 रनों से हरा चुका है और इसके बाद सभी मैचों में उसका प्रदर्शन धमाकेदार रहा है। यह इस टूर्नामेंट का 12वां संस्करण खेला जा रहा है और अभी तक भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों सर्वाधिक 3-3 बार इस खिताब को हासिल कर चुके हैं। दोनों में से कोई भी विजेता बना तो यह उसका चौथा खिताब होगा और वह इस टूर्नामेंट के इतिहास में ऐसा करने वाला पहला देश बन जाएगा।

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