Thursday , September 19 2019

हार गया बाप… जीत गया बेटा… अब सपा और सा‍इकिल दोनों अखिलेश की

akhilesh-yadav-on-cycle_650x400_51483599032नई दिल्‍ली/लखनऊ। समाजवादी परिवार में चला आ रहा घमासान अब और बढ़ने वाला है। दरअसल बीते कई दिनों से चले आ रहे विवाद में आज सीएम अखिलेश की जीत हो गई है। चुनाव आयोग ने आज समाजवादी पार्टी और चुनाव चिन्‍ह साइकिल पर अपना फैसला दे दिया है।

दरअसल अब समाजवादी पार्टी और पार्टी का चुनाव चिन्‍ह साइकिल अखिलेश यादव का हो गया है। चुनाव आयोग ने आज ये फैसला सुना दिया। हाल ही में हुए अधिवेशन में समाजवादी पार्टी के नए राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष के चुनाव को चुनाव आयोग ने सवैं‍धानिक माना है।

आपको बता दें कि इससे पहले मुलायम सिंह यादव, अमर सिंह और शिवपाल यादव चुनाव आयोग पहुंचे थे। चुनाव आयोग में उन्होंने पार्टी संविधान का हवाला देते हुए दावा किया था कि वही हैं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिलेश कैंप के दावों में कोई दम नहीं है।

मुलायम ने चुनाव आयोग से कहा था कि पार्टी के संविधान के मुताबिक राष्ट्रीय अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष को हटाया नहीं जा सकता है। राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाने के लिए कम से कम 30 दिन पहले नोटिस देना अनिवार्य है, जिसका पालन नहीं किया गया।

मुलायम गुट ने कहा था कि राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने की एक प्रक्रिया है, जिसका पालन नहीं किया गया। रामगोपाल यादव को पहले से ही उनके पद से हटा दिया गया था। लिहाजा वो कोई रेजोल्यूशन नहीं ला सकते। उनके पार्टी से जुड़ने का ऐलान सिर्फ ट्विटर के जरिए ही हुआ था, जो कि मान्य नहीं हो सकता।

सबसे महत्वपूर्ण बात ये कि अधिवेशन में मुलायम सिंह यादव को हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं लाया गया था। लिहाजा नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का औचित्य ही नहीं पैदा होता। अखिलेश कैंप जिनके समर्थन का दावा कर रहा है, चुनाव आयोग उनका फिजिकल वैरिफिकेशन करवाए।

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