Thursday , June 27 2019

46 दिन से जारी थी भूख हड़ताल, नहीं मानी मांगे तो 250 लोगों ने कराया मुंडन

महोबा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित बुंदेलखंड को पृथक राज्य घोषित किए जाने की मांग को लेकर पिछले 46 दिन से महोबा जिला मुख्यालय में भूख हड़ताल पर बैठे बुंदेली समाज संगठन के समर्थन में ढाई सौ लोगों ने रविवार को अपने सिर का मुंडन करवा कर बाल दान किए। मुंडन कराने वाले लोगों ने भाजपा नीत केंद्र व राज्य सरकारों पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया।

बुंदेली समाज नामक संगठन के संयोजक तारा पाटकर ने बताया कि उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में विभाजित बुंदेलखंड को पृथक राज्य घोषित किए जाने के लिए पिछले 46 दिन से भूख हड़ताल की जा रही है, भाजपा नीत केंद्र व दोनों प्रदेशों की राज्य सरकारें अपने चुनावी वादों से मुकर गई हैं। जब तक झारखंड, उत्तराखंड, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ की तरह बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित नहीं किया जाता, तब तक बुंदेलखंड के किसान, मजदूर और कामगारों को ‘कर्ज’ और ‘मर्ज’ की बीमारी से मुक्ति नहीं मिलेगी।

उन्होंने कहा, “झांसी-ललितपुर की सांसद और केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पिछले लोकसभा के अपनी हर चुनावी जनसभाओं में केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनने पर बुंदेलखंड को अलग राज्य घोषित किए जाने का वादा किया था, लेकिन अब वह अपना वादा भूल चुकी हैं।”

पाटकर ने बताया कि रविवार को पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग के समर्थन में आल्हा चौक के पास डॉ. अम्बेडकर पार्क में ढाई सौ समर्थकों ने अपने सिर का मुंडन करवा कर बाल दान किए हैं। इस में दस नाई लगाए गए थे, जो तीन घंटों में ढाई सौ समर्थकों का मुंड़न कर पाए हैं।

भूख हड़ताल पर बैठे जिला अधिवक्ता समिति के पूर्व अध्यक्ष सुखनंदन यादव ने बताया कि पृथक बुंदेलखंड राज्य के समर्थन में कई सामाजिक संगठन भाग ले रहे हैं और यह आंदोलन अंतिम निष्कर्ष आने तक चलेगा।”

उधर, किसानों के बड़े संगठन ‘बुंदेलखंड किसान यूनियन’ के केंद्रीय अध्यक्ष विमल कुमार शर्मा पहले ही पृथक राज्य की मांग को लेकर 20 सितंबर को प्रत्येक जिला मुख्यालयों में बृहद प्रदर्शन और सड़क जाम किए जाने की घोषणा कर चुके हैं।

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