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देश के इतिहास में जो आजतक किसी पीएम ने नहीं किया, रविवार को वो काम करेंगे मोदी

नई दिल्‍ली। देश के इतिहास में संभवतः यह पहली दफा होगा जब कोई प्रधानमंत्री रविवार के दिन सुप्रीम कोर्ट परिसर में दाखिल होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को बंगाल की खाड़ी के देशों के सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीशों की कॉन्फ्रेंस को संबोधित करेंगे। हालांकि मूल कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के शामिल होने की योजना नहीं थी, लेकिन शनिवार को इसमें तब्दीली की गई।

कार्यक्रम में बदलाव के बाद प्रधानमंत्री के सुरक्षा दस्ते ने शनिवार दोपहर तक सुप्रीम कोर्ट परिसर की सुरक्षा अपने हाथों में ले ली और दिल्ली पुलिस को बाहर तैनात कर दिया गया। रूटीन सुरक्षा ड्रिल के बाद एसपीजी ने पूरा परिसर खंगाला।

भारत पहले भी बिम्सटेक देशों के न्यायपालिका प्रमुखों की बैठक की मेजबानी कर चुका है। लेकिन यह पहला मौका है जब प्रधानमंत्री इसमें शामिल होंगे। मुख्य न्यायधीशों की कॉन्फ्रेंस एक दिवसीय है। बिम्सटेक में भारत के अलावा नेपाल, थाईलैंड, म्यांमार, बांग्लादेश और भूटान शामिल हैं।

दोपहर बाद तीन बजे से शुरू होने वाली राउंड टेबल कॉन्फ्रेंस में सीमा पार आतंकवाद, बहुराष्ट्रीय संगठित अपराध, मानव और नशीले पदार्थों की तस्करी से संबंधित मुकदमों और उनसे जुड़े कानूनी पहलुओं पर विचार विमर्श होगा।

इस कॉन्फ्रेंस में मेजबान भारत की ओर से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस समेत पांच शीर्षस्थ न्यायाधीश शामिल होंगे। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर, जस्टिस कुरियन जोसफ,  जस्टिस अर्जन कुमार सीकरी और जस्टिस शरद अरविंद बोबडे इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।

बंग्लादेश सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस और रजिस्ट्रार जनरल, नेपाल सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस अनिल कुमार सिन्हा इस कॉन्फ्रेंस में शामिल हो रहे हैं। शाम साढ़े सात बजे तक इन मुद्दों पर राउंड टेबल चर्चा होगी।

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